बाबा श्री काल भैरव स्मृति काव्य संगम -12 जुलाई 2026 को, सायं 4 बजे से वाराणसी में-

वाराणसी महानगर के तेलिया बाग में बाबा श्री काल भैरव स्मृति काव्य संगम एवं सम्मान - 12 जुलाई 2026 रविवार को सायं 4 बजे से, अथर्व फेमिली रेस्टोरेंट सभागार एसी.हाल, पटेल धर्मशाला के ठीक सामने, तेलियाबाग, वाराणसी में काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव एवं अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संस्थापक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के 57 वें जन्मदिन के अवसर पर दी सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष, भारत गौरव - डॉ. राम अवतार पाण्डेय एडवोकेट, कर्नल , डॉ.आदि शंकर मिश्र विद्या - वाचस्पति,काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह मंगल एवं कुलपति डॉ. संभाजी राजाराम बाविस्कर, श्रीप्रकाश कुमार श्रीवास्तव गणेश  के प्रमुख संरक्षण में सागर, मध्य प्रदेश के प्रख्यात कवि महेन्द्र सिंह "गौर" के अध्यक्षता में जबलपुर प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के संस्थापक अंतरराष्ट्रीय कवि संगम त्रिपाठी मुख्य अतिथि के गरिमामयी उपस्थिति में भारतवर्ष के 108 विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मंचीय एवं ऑनलाइन विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। भारतवर्ष के विभिन्न प्रदेशों से लगभग चार दर्जन रचनाकार उक्त आयोजन में मंचीय सहभागी बनेंगे। स्वागत संरक्षण अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ .प्रमोद वाचस्पति, प्रदेश अध्यक्ष नंदलालमणि त्रिपाठी, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक डॉ .शिवनाथ सिंह "शिव" स्वागत संयोजन का दायित्व डॉ. महेंद्र तिवारी अलंकार,डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम, डॉ राजीव गौतम, राकेश चंद्र पाठक महाकाल, डॉ .गिरीश पाण्डेय काशिकेय, डॉ.शिवेशवर दत्त पांडेय,डॉ.ओमप्रकाश पांडेय निर्भय, डॉ.सुबाष चन्द्र, मनोज द्विवेदी जमालपुरी, डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर, डॉ . पारसनाथ श्रीवास्तव, कवि विजय चंद्र त्रिपाठी, डॉ.चिदाकांत पांडेय  चिद्रूप, डॉ.परमहंस तिवारी परम , डॉ. धर्मदेव यादव धर्मेश,चिंतित बनारसी, नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता, हास्य कवि अनुज प्रताप सिंह" अनुज",कवि दिनेश गोरखपुरी,,डॉ. शिवप्रकाश साहित्य,अमित शर्मा सहित अनेकों लोगों के संयोजन में हिंदी साहित्य के प्रख्यात कवि बुद्धदेव तिवारी के सफल संचालन में संपूर्ण कार्यक्रम संपन्न होगा।

     उक्त आयोजन में सहभागिता के इच्छुकजन मोबाइल नंबर 9450 3642 92 पर या 630 6057 870 पर संपर्क कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करवा सकते हैं। बिना पूर्व सूचना के आने वाले लोगों को विशेष सहभागिता की अनुमति नहीं दी जाएगी। उक्त जानकारी स्वागत संरक्षक डॉ. प्रमोद वाचस्पति एवं कवि नन्दलालमणि त्रिपाठी ने दी है।