आदरणीय महोदय,
*के.के.सी. के भूगोल विभाग द्वारा बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान का शैक्षिक भ्रमण आयोजित श्री जय नारायण मिश्र पी.जी. कॉलेज (के.के.सी.), लखनऊ के भूगोल विभाग द्वारा 28 सितंबर 2026 को बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ का शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को उन्नत वैज्ञानिक एवं अनुसंधान तकनीकों, पुरावैज्ञानिक अध्ययनों तथा पृथ्वी के भूवैज्ञानिक एवं जैव-विकासात्मक इतिहास को समझने में प्रयुक्त वैज्ञानिक विधियों का व्यावहारिक परिचय प्रदान करना था कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के. के. शुक्ल तथा कला संकाय के प्रभारी प्रो. एस. सी. हजेला के मार्गदर्शन में किया गया। शैक्षिक भ्रमण का समन्वय भूगोल विभाग के श्री आदित्य काला एवं सुश्री आयुषी शर्मा द्वारा किया गया इस भ्रमण में लगभग 40 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने संस्थान के संग्रहालय एवं अनुसंधान प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा पुराविज्ञान एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विद्यार्थियों को C-14 रेडियोकार्बन डेटिंग, जीवाश्मों की आयु निर्धारण, बेंजीन से संबंधित यौगिकों, भू-रसायन, प्लाज़्मा अनुसंधान तथा इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी के सिद्धांत एवं अनुप्रयोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई संग्रहालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के जीवाश्म नमूनों का अवलोकन किया और उनके वैज्ञानिक महत्व को समझा। उन्हें यह भी बताया गया कि जीवाश्म पृथ्वी पर जीवन के विकास, जैव-विविधता तथा पर्यावरणीय एवं जलवायवीय परिवर्तनों के अध्ययन में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने भूवैज्ञानिक समय मापनी (Geological Time Scale) के विभिन्न चरणों के संदर्भ में पृथ्वी पर जीवन के विकास एवं इतिहास को समझने का अवसर प्राप्त किया भ्रमण का एक महत्वपूर्ण आकर्षण बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यार्थियों ने क्विज, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन तथा ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इन प्रतियोगिताओं में कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किए, जिससे महाविद्यालय एवं भूगोल विभाग का गौरव बढ़ा इस शैक्षिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। संग्रहालय में जीवाश्मों का प्रत्यक्ष अवलोकन, अनुसंधान प्रयोगशालाओं का भ्रमण तथा आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं तकनीकों की जानकारी ने विद्यार्थियों के ज्ञान एवं समझ को व्यापक बनाया भ्रमण विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं समृद्ध अनुभव सिद्ध हुआ। भूगोल विभाग ने विद्यार्थियों को इस प्रकार का व्यावहारिक एवं अनुसंधानपरक अनुभव प्रदान करने के लिए बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के अधिकारियों एवं वैज्ञानिक समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया।
सादर
प्रो के के शुक्ला
प्राचार्य