वाराणसी/नई दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। उज्ज्वला योजना, हर घर जल, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और जन-धन खातों जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि मातृ मृत्यु दर 212 से घटकर 88 हो गई है तथा संस्थागत प्रसव 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुका है। 10.5 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन, 12 करोड़ से अधिक शौचालय और 16 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के 73 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम पर हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जन-धन खातों, मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ अभियान ने लाखों महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ा है। महिला श्रम शक्ति भागीदारी दर भी बढ़कर 41.7 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने कहा कि राजनीति, शिक्षा, विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, ट्रिपल तलाक पर रोक, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी पहलें महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।