रामपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित “ऑल इज वेल” नामक स्थान पर कथित रूप से लंबे समय से सेक्स रैकेट संचालित होने का मामला सामने आया है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब स्थानीय मीडिया को लगातार शिकायतें मिलीं और मीडिया टीम ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई दिखाने की कोशिश की।
मीडिया द्वारा दावा किया गया कि जब मौके की स्थिति संदिग्ध पाई गई तो तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को फोन कर सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। मीडिया टीम के अनुसार, कई बार संपर्क करने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई में देरी की। पुलिस ने कहा- “सिटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर जाएंगे”
मीडिया का कहना है कि पुलिस द्वारा जवाब दिया गया कि “सिटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर मौके पर पहुंचेंगे”, लेकिन तब तक मीडिया मौके पर मौजूद रहकर गतिविधियों को रिकॉर्ड कर चुका था और स्थिति को सार्वजनिक कर चुका था। शाम को पहुंची पुलिस, तब तक बंद हो चुका था ठिकाना बताया जा रहा है कि पुलिस काफी देर बाद शाम के समय मौके पर पहुंची, लेकिन जब पुलिस वहां पहुंची तो “ऑल इज वेल” बंद मिला। मीडिया ने आरोप लगाया कि पुलिस की देरी के चलते संदिग्ध लोग पहले ही वहां से निकल चुके थे और सबूत मिटाए जा चुके थे।
पुलिस के दावे निकले खोखले मीडिया द्वारा इस पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े किए गए हैं। मीडिया का कहना है कि यह कथित गोरखधंधा पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मीडिया के खुलासे के बाद मचा हड़कंप मीडिया में खबर सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो बड़ी सफलता मिल सकती थी। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले में गंभीर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगी, या फिर मामला केवल कागजों में दबाकर रह जाएगा।
फिलहाल पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मीडिया के खुलासे के बाद प्रशासन पर दबाव जरूर बढ़ गया है।