सनी शाह / लखनऊ के इंदिरा नगर तकरोही और अमराई गांव में ओवरलोड वाहनों का संचालन स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार सुबह तकरोही चौकी क्षेत्र स्थित अंबेडकर चौराहे पर लोहे से लदी एक बोलेरो मैक्स पिकअप अनियंत्रित होकर पलटने की स्थिति में पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन के आगे के दोनों पहिए हवा में उठ गए और बड़ा हादसा होते-होते बचा। अंबेडकर चौराहे के आसपास सुबह के समय मजदूरों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में भारी और ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर राहगीरों और मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग को लेकर शिकायतें और खबरें सामने आने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है रात में डंपर-ट्रैक्टर ट्रॉलियों की आवाजाही का आरोप स्थानीय लोगों के मुताबिक इंदिरा नगर के तकरोही और अमराई गांव क्षेत्र में रात के समय भी डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही जारी रहती है। इनमें मिट्टी और निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन शामिल बताए जाते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर वाहन नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं होता, जिससे ऐसे वाहनों की पहचान और निगरानी को लेकर सवाल खड़े होते हैं। तकरोही बाजार क्षेत्र में दिन के व्यस्त समय में भी बड़े डंपरों के गुजरने से जाम और आवागमन में परेशानी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
अमराई गांव में ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर भी सवाल
अमराई गांव में कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ईंट ढोने और कथित तौर पर बिक्री किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई ट्रॉलियों में निर्धारित क्षमता से दोगुना ईंटें लादी जाती हैं और अमराई गांव-तकरोही चौकी क्षेत्र में इन्हें खड़ा कर बिक्री की जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रतिदिन कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने की बात भी कही जा रही है। एक स्थानीय घटना का हवाला देते हुए लोगों का कहना है कि अधिक वजन के कारण बादशाहखेड़ा के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया सड़क पर धंस गया था, जिससे सड़क को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि इन सभी दावों की फुटेज भी उपलब्ध है। अब सवाल यह है कि इंदिरा नगर, अमराई गांव और तकरोही क्षेत्र में ओवरलोडिंग तथा भारी वाहनों के संचालन पर जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कार्रवाई करेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई होगी या उससे पहले ही परिवहन और यातायात व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे?