स्कूल चलो अभियान अभियान पर जोर, शत-प्रतिशत नामांकन और नियमित उपस्थिति के निर्देश
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को नवीन भवन स्थित सभाकक्ष से मुख्य विकास अधिकारियों, डीआईओएस एवं बीएसए के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान शैक्षिक सत्र 01 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ होने के परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा निर्धारित एजेण्डे के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्कूल चलो अभियान अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक जनपद में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अकादमिक कैलेंडर के अनुसार नियमित पठन-पाठन, समयबद्ध परीक्षाएं, होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार कर अभिभावकों के साथ साझा करना अनिवार्य किया जाए।
बैठक में स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत कक्षावार नामांकन प्रगति, पाठ्य पुस्तकों के वितरण, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं प्री-प्राइमरी में मानव संसाधन की उपलब्धता, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्य, निपुण विद्यालय एवं पीएम श्री विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, टैबलेट एवं डिजिटल लाइब्रेरी के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति रोकने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने समग्र शिक्षा एवं पीएम श्री योजना के अंतर्गत व्यय की प्रगति को समय से पोर्टल पर अपलोड करने, आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश, राजकीय विद्यालयों के निर्माण, बालिका छात्रावास संचालन तथा व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के विकास कार्य, मिनी स्टेडियम निर्माण, पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन की स्थिति तथा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं नवाचार को बढ़ावा दिया जाए।