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  • There was a sad atmosphere in the village of Kala Kheda Karbala, all the tazias of the village were buried.

ग्राम काला खेड़ा कर्बला में गमगीन माहौल, गांव के सभी ताजिये हुए सुपुर्द-ए-खाक

मंडल मुरादाबाद/ उत्तर प्रदेश/ जिला अमरोहा। उत्तर प्रदेश 26 जून 2026 को यौमे आशूरा का मतलब मोहर्रम के पहले महीने के दसवें के दिन को कर्बला के कब्रिस्तान में गमगीन माहौल के बीच ग्राम काला खेड़ा के सभी ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मोहर्रम कमेटी शहर व सदर के तत्वावधान में पैगम्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे हज़रत इमाम हुसैन हुए इमाम हसन की शाहदत की याद में यह आयोजन हुआ  दोपहर 2  बजे  हसनपुर थाना प्रभारी की मौजूदगी में  में अलम का जुलूस निकाला गया जुलूस अंदर की कॉलोनियों में गश्त कर संपन्न हुआ

मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष व सचिव व कार्यकर्ताओं  ने बताया कि ग्राम काला खेड़ा वह आस पास के सभी ताजिये अपने-अपने मुकामों से उठे और चीनी मिल के बराबर में कब्रिस्तान के पास कर्बला पर मस्जिद ईदगाह, आदि मोहल्लों के ताजिये रात 7 बजे  पर जमा हुए 

ग्राम काले खेड़ा का इमाम हुसैन की याद में परंपरा के तहत का ताजिया भी वहीं पहुंचा। फिर सभी ताजिये  सादगी के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया

एक से एक आकर्षक ताजियों ने जोरदार प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया। ताजियों की जियारत करने के लिए जुलूस में हजारों की संख्या में महिला-पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर में दिनभर अकीदत का माहौल रहा

सभी जुलूसों के साथ मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी मुस्तैदी से मौजूद रहे भारी पुलिस बल भी जुलूसों को व्यवस्थित करते हुए साथ चला ताजियों के जुलूसों के साथ अखाड़े के उस्ताद खलीफा अपनी-अपनी कलाबाजी का जोरदार प्रदर्शन करते हुए चल रहे थे।जुलूस के दौरान रास्ते में जगह-जगह लंगर, मीठे दूध की सबील, हलवा, शरबत, मीठा जर्दा, खीर, पूरी-सब्जी, मीठे पानी की प्याऊ, फल-फ्रूट, जूस, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि का वितरण किया गया।

यौमे आशूरा के मौके पर मोहर्रम कमेटी द्वारा भरतपुर गेट पर मानव सेवा के लिए मीठे पानी व शरबत की भव्य सबील लगाई गई। 

कड़ी धूप और उमस के बीच ताजियों के जुलूस में शामिल हजारों अकीदतमंदों और राहगीरों ने यहां रुककर ठंडा शरबत और मीठा पानी पिया। इस नेक काम से इमाम हुसैन के सब्र, कुर्बानी और इंसानियत के पैगाम को जीवंत किया गया। सबील पर उमड़ी भीड़ ने मोहर्रम कमेटी की इस पहल की जमकर सराहना की।

इस दौरान मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष भूरा शेख़, सचिव अबरार खान वारसी ने बताया कि यौमे आशूरा मोहर्रम की 10 वीं तारीख है। इसी दिन कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने सत्य, इंसानियत और धर्म की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे सिर नहीं झुकाया और कुर्बानी देकर दुनिया को इंसाफ और सब्र का पैगाम दिया आज हम उनकी इसी कुर्बानी को याद कर ताजिये निकालते हैं

उन्होंने मोहर्रम के सभी अलम, अखाड़े, दुलदुल और ताजियों के जुलूस सकुशल निकाले जाने पर पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। पुलिस के सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। साथ ही सभी अलमदार, अखाड़ेदार, दुलदुलदार और ताजियादारों का भी आभार जताया,