पंडित परमानंद की पुण्यतिथि पर विशेष
उन्हें अंडमान की सेल्यूलर जेल में 23 वर्षों तक काला पानी की कड़ी सजा काटनी पड़ी थी। उन्होंने आज़ादी के बाद कोई सरकारी पद स्वीकार नहीं किया।
जन्म: 6 जून 1892 में जन्म राठ कस्बे के सिकरौधा गाँव में हुआ था।
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: वह क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल थे और सिंगापुर में उनके भाषण ने 600 अंग्रेज सैनिकों की हत्या और विद्रोह की घटना को प्रेरित किया था।
काला पानी की सजा: उन्हें प्रथम लाहौर षड्यंत्र मामले में गिरफ्तार किया गया था और अंडमान निकोबार की सेल्यूलर जेल में 23 साल तक कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ी। त्याग: उन्होंने स्वतंत्रता के बाद आजीवन राजनीति से दूरी बनाए रखी और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत किया परमानंद जी का देहान्त 13 अप्रैल 1982 को हुआ
स्वतंत्रतासंग्रामसेनानीदेश के महान क्रांतिकारी अमर त्यागी महर्षि पंडित परमानन्द जी खरे 33वर्ष जेलयात्री कीआज 13 अप्रैल को पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार जानों व पूर्व सैनिकों ने पूज्य दादा जी को याद किया।