बेहतर स्वास्थ्य भविष्य के लिए आईसीएमआर ने शुरू किए व्यापक सुधार

वाराणसी/नई दिल्ली। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा है कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की स्वास्थ्य अनुसंधान प्रणाली को डेटा आधारित, तकनीक-संचालित और जनकेंद्रित बनाया जा रहा है। कोविड-19 के अनुभवों से सीख लेते हुए आईसीएमआर ने संस्थागत पुनर्गठन, अनुसंधान फंडिंग में सुधार और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, डिजिटल हेल्थ और रियल-टाइम डेटा सिस्टम को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। ‘नेशनल हेल्थ रिसर्च प्रोग्राम’ के तहत टीबी, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, आपातकालीन चिकित्सा और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस समेत 13 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।

डॉ. बहल ने कहा कि आईसीएमआर का उद्देश्य केवल अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक खोजों को आम लोगों तक पहुंचाकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और न्यायसंगत बनाना है। उन्होंने सभी हितधारकों से इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनने का आह्वान किया।