वाराणसी। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के सहयोग से खादी का स्वरूप लगातार आधुनिक हो रहा है, जिससे लोगों में खादी के प्रति आकर्षण बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। एमडीए योजना के माध्यम से खादी कारीगरों को सीधे लाभ मिलने से उत्पादन में वृद्धि हुई है।
आयोग द्वारा नकली खादी पर रोक लगाने के लिए खादी मार्का और खादी इंडिया लोगो को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं वाराणसी क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गोदाम स्थापना की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
केवीआईसी के अनुसार देश में खादी उत्पादों की बिक्री 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। संस्था के मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति की पहचान है।