वाराणसी के कचहरी स्थित डॉ. अम्बेडकर स्मारक पर मंगलवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (अबाजका) सहित कई संगठनों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना, त्रिसरण एवं पंचशील के साथ भिक्खू संघ द्वारा की गई। अतिथियों ने बाबा साहेब एवं बहुजन महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि बुद्धमित्र मुसाफिर ने अपने संबोधन में आगामी जनगणना 2026-27 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों से धर्म कॉलम में ‘बौद्ध’ लिखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने के साथ संवैधानिक अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के संदेश को अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर विभिन्न पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाएं और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।