संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर विचार गोष्ठी, माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और सामाजिक न्याय, समानता तथा संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा हथियार बताया और उसी के जरिए समाज को संगठित और जागरूक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक समानता और अधिकार की लड़ाई अधूरी रहेगी। सभाजीत सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने कहा था "शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो जितना पियेगा उतना दहाड़ेगा।" उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम कर बाबा साहेब के सपनों को जमीन पर उतारने का प्रयास किया है और यही मॉडल पूरे देश में लागू होना चाहिए।
इस मौके पर निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल ने कहा कि बाबा साहेब ने “शिक्षित बनो, संगठित रहो” का जो संदेश दिया, वही आज भी समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से बाबा साहेब ने महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार दिलाया। आज उनकी 135वीं जयंती पर यह संकल्प लेने की जरूरत है कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत का निर्माण किया जाए।
आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और शिक्षा के महत्व का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल कर समाज के दबे-कुचले वर्गों के लिए आजीवन संघर्ष किया। आज भी समाज में असमानता और भेदभाव मौजूद है, जिसे खत्म करने के लिए शिक्षा को सबसे मजबूत हथियार बनाना होगा और यही रास्ता सामाजिक न्याय की स्थापना का आधार बनेगा।
इस मौके पर लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने कहा कि बाबा साहेब ने देश को लोकतंत्र की जो ताकत दी, उसे कमजोर करने की साजिशें लगातार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना—समानता, न्याय और भाईचारा—को बचाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। जब तक दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को उनका पूरा अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी और आम आदमी पार्टी इसे सड़क से संसद तक मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने ही हमें संघर्ष करना सिखाया है इसलिए संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और समान अवसर पहुंचाने के लिए संघर्ष को तेज करें।
इस मौके पर रुहेलखंड प्रांत के अध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद हैदर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शकील मलिक, बीएन खरे,अंशुल यादव,अनित रावत नूर सिद्दीकी ललित वाल्मीकि तुषार श्रीवास्तव ज्ञान सिंह इस्मा जहीर रीता सिंह मोहम्मद तकी अनुज पाठक मनोज मिश्रा अंकित परिहार रानी कुमारी बलराम साहनी ज्ञान सिंह कुशवाह विनोद विश्वकर्मा सुधीर पटेल नीरज गुप्ता, संतोष, धीरज सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।