कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों, अस्पताल कर्मियों एवं मरीजों के गर्मजोशीपूर्ण स्वागत के साथ हुआ। छात्राओं ने सुरक्षित गर्भावस्था, प्रसवपूर्व (Antenatal) एवं प्रसवोत्तर (Postnatal) देखभाल देखभाल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया। गर्भावस्था का प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित जांच, संभावित खतरे के संकेतों की पहचान तथा टीकाकरण के महत्व जैसे विषयों को सरल, स्पष्ट एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया, जिससे आमजन आसानी से इन बातों को समझ सकें। छात्राओं द्वारा चार्ट, पोस्टर एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा सत्र प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने हेतु जागरूकता, समय पर उपचार एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। अस्पताल में उपस्थित गर्भवती महिलाओं एवं माताओं को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने, पोषणयुक्त आहार लेने तथा नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
विवेकानंद पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद ने अपने संदेश मे कहा कि प्रत्येक महिला को गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है। साथ ही, परिवार एवं समाज की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को सहयोगात्मक वातावरण बनाने का आह्वान किया गया। अस्पताल प्रशासन एवं स्टाफ ने नर्सिंग छात्राओं के इस ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली एवं जनहितकारी प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें अस्पताल प्रशासन, स्टाफ एवं सभी प्रतिभागियों के सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यक्रम न केवल सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि समुदाय में मातृ स्वास्थ्य के महत्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। उक्त कार्यक्रम विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक स्कूल ऑफ नर्सिंग, लखनऊ की प्रो. (श्रीमती) सरिता एवं सुश्री वीनस सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।