लखनऊ। ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा तिवारी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन संगठन की एकजुटता से इतना डरा हुआ है कि हमारी एक शांतिपूर्ण मीटिंग के लिए भी हजरतगंज और एनएचएम कार्यालय को छावनी में बदल दिया गया। भारी पुलिस बल की तैनाती इस बात का प्रमाण है कि सरकार हमारी मांगों और संगठन की शक्ति से कितनी भयभीत है।
प्रमुख मांगें यदि प्रसूता किसी कारणवश निजी अस्पताल में भर्ती होती है, तब भी आशा को प्रसव पूर्व मिलने वाली ₹300 की राशि प्रदेश के प्रत्येक जिले में अनिवार्य रूप से दी जाए। महा प्रबंधक कम्युनिकेटिव प्रोसेस मैनेजर द्वारा स्वीकार किया गया कि प्रत्येक जिले में आदेशित कर दिया जाएगा। पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को वाउचर भरने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
प्रसव प्रोत्साहन राशि को ₹600 से बढ़ाकर दोगुना किया जाए। समस्त बकाया भुगतान होने तक 'दस्तक अभियान' का पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा। वाउचर और विशेष कार्यक्रमों के सभी 74 मदों की विस्तृत जानकारी हर माह प्रदान की जाए। गुणवत्ता घटिया साड़ियों का वितरण बंद कर अच्छी गुणवत्ता वाली साड़ियां दी जाएं।
कम भुगतान होने पर एनएचएम में शिकायत और संबंधित ब्लाक अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण लिया जाए।
शांतिपूर्ण बैठक में पुलिस की तैनाती प्रशासन के डर को उजागर करती है। जब तक हर जिले में हमारी बहनों को उनका हक नहीं मिलता, यह संघर्ष और उग्र होगा।"