वाराणसी, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी एवं धरोहर संरक्षण सेवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में पार्श्वनाथ विद्यापीठ, करौंदी में पं. ओंकारनाथ ठाकुर की जयंती के उपलक्ष्य में “श्री कला संस्कृति महोत्सव” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने पं. ओंकारनाथ ठाकुर के बहुआयामी व्यक्तित्व, संगीत साधना एवं भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता कुमार अम्बरीश चंचल ने उनके जीवन और साहित्यिक दृष्टि का विस्तार से वर्णन किया।
संगीतमयी प्रस्तुति में प्रो. रामशंकर ने गायन प्रस्तुत किया, जबकि तबले पर पीयूष कुमार और संवादिनी पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की। कार्यक्रम में नगर के कला प्रेमियों एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। आयोजन ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परम्परा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश दिया।