गुरु पूर्णिमा पर गुरु तत्व की आराधना से आध्यात्मिक उन्नति का संदेश

वाराणसी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह दिन गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, साधना का संकल्प लेने और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर है। मान्यता है कि इस दिन गुरु तत्व सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक प्रभावी रहता है, इसलिए पूजा, सेवा और साधना का विशेष महत्व होता है।

गुरु को अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश देने वाला माना गया है। इस अवसर पर महर्षि वेदव्यास, गुरु परंपरा और अपने सद्गुरु का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा ने सदैव धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सभी से गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा, सेवा और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण का संकल्प लेने का आह्वान किया।