वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के खटौरा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथाव्यास डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने नाभि चरित्र, जड़भरत-राहुगण संवाद, देवासुर संग्राम और प्रह्लाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए उम्र या साधन नहीं, बल्कि सच्ची और निर्मल भक्ति आवश्यक है। ईश्वर भक्त के भाव को देखते हैं और भावपूर्ण पूजन-अर्चन ही उन्हें प्रिय है इस दौरान चंदेश्वर नारायण सिंह, मंजू सिंह, सुषमा सिंह, राजेश्वर सिंह, नागेश्वर सिंह, बिंजेश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, आदर्श सिंह, हर्षित सिंह, गिरीश सिंह, धनंजय सिंह, शांतिभूषण व शशिभूषण आदि मौजूद रहे।