नई दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जल क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। जल जीवन मिशन के तहत अब 15.8 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंच चुका है, जबकि मिशन शुरू होने के समय यह संख्या मात्र 3.23 करोड़ थी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव लाया है और लाखों लोगों को स्वास्थ्य व सम्मान से जोड़ने का काम किया है। वहीं, जल संरक्षण के लिए चलाए गए "जल संचय जन भागीदारी" अभियान के अंतर्गत देशभर में 1.55 करोड़ से अधिक वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।
पाटिल ने बताया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा नदी की स्वच्छता और पर्यावरणीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गंगा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है तथा गंगा डॉल्फिन की संख्या बढ़कर 6,324 तक पहुंच गई है, जो नदी के बेहतर स्वास्थ्य का संकेत है।
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा केवल पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, जनस्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के निर्माण का आधार है। सरकार तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से जल संसाधनों के संरक्षण एवं बेहतर प्रबंधन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।