धाता स्थित एक्सीलेंट डिजिटल स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट में हुआ भव्य अभिनंदन—पिता राकेश कुमार सिंह को भी विशेष सम्मान, छात्रों को दी सफलता की सीख
जनपद फतेहपुर के धाता क्षेत्र स्थित एक्सीलेंट डिजिटल स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट में रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में PCS परीक्षा में उत्तर प्रदेश में रैंक-9 प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले श्री शुभम सिंह का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। जैसे ही शुभम सिंह संस्थान पहुंचे, सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने पुष्पवर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरा परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा, जिससे समारोह का माहौल अत्यंत प्रेरणादायक बन गया।
शैक्षिक सफर: संघर्ष, अनुशासन और सफलता की कहानी
ग्राम भुर्चुनी, धाता (फतेहपुर) निवासी शुभम सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 5 तक चौधरी रामचंद्र सिंह गुलजार सिंह प्राथमिक विद्यालय, धाता से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, फतेहपुर से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने वर्ष 2017 से 2021 के बीच IIT धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। अपनी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने PCS परीक्षा में प्रदेश स्तर पर 9वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया।
सम्मान समारोह: प्रतिभा को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अनुपम सिंह (सर) द्वारा शुभम सिंह को स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही उनके पिताश्री श्री राकेश कुमार सिंह को भी विशेष सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर मनोज कुमार सिंह द्वारा शुभम सिंह को भारत का संविधान भेंट किया गया, जबकि रूमा देवी एवं रोशनी सिंह ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं भगत सिंह के प्रतीक चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में सर्वसमाज सेवा समिति के अध्यक्ष चंदन सिंह, वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान सिंह, अजय सिंह, मोहम्मद कलीम, संजय सिंह, राहुल सिंह, अवधेश सरोज, अजीत कुमार, जीवन प्रजापति, नितेश केशरवानी, मार्तण्डे सिंह, सचिन सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शुभम सिंह को माल्यार्पण कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन एवं अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता चंदन सिंह द्वारा की गई, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया। छात्रों को दिए सफलता के मंत्र(इमोशनल पल भी आया सामने)
अपने संबोधन में शुभम सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा— पढ़ाई का कोई शॉर्टकट नहीं होता, केवल स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर मेहनत ही सफलता दिलाती है।”
उन्होंने पढ़ाई के दौरान विजुअलाइजेशन तकनीक अपनाने की सलाह दी, जिससे विषयों को समझना और याद रखना आसान हो जाता है। इसी दौरान उन्होंने भावुक होकर अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा—
“मैं गर्मी की छुट्टियों में इसी इंस्टिट्यूट में आकर कंप्यूटर सीखता था। उस समय मुझसे कोई फीस भी नहीं ली जाती थी। इस तरह से शिव सर का भी मेरे जीवन में कहीं न कहीं महत्वपूर्ण योगदान रहा है।” उनकी यह बात सुनकर पूरा माहौल भावुक हो उठा और उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने आगे कहा— “जैसी किताबें पढ़ेंगे, जैसी संगति रखेंगे और जैसी सोच रखेंगे, वैसा ही आपका व्यक्तित्व बनेगा।” साथ ही उन्होंने बुजुर्गों के अनुभव और आशीर्वाद को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के बाद भी अपने संस्कार और मूल्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। छात्रों के साथ संवाद: जिज्ञासाओं का समाधान
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने शुभम सिंह से पढ़ाई, तैयारी और सफलता से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। अंशिका अनुरागी, काजल रानी सिंह, अलैना, शिवानी, सलोनी, नंदनी, रुपाली, आवेश, सूरज, घनश्याम सहित कई छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका शुभम सिंह ने विस्तार से उत्तर देकर मार्गदर्शन किया।
उत्साहपूर्ण समापन समारोह में सैकड़ों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शुभम सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यह सम्मान समारोह केवल एक प्रतिभा का अभिनंदन नहीं था, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि