वाराणसी। देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरिफल सिंह की 41वीं पुण्यतिथि मंगलवार को श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर उनके पौत्र, समाजसेवी एवं व्यापारी नेता अखिलेश सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा नगर विकास मंत्री से नदेसर तालाब पार्क में हरिफल सिंह की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग की है।
अखिलेश सिंह ने बताया कि वर्ष 1930 में नदेसर में जन्मे हरिफल सिंह ने मात्र 16 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी थी। उन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान कई यातनाएं सहीं। वर्ष 1930 एवं 1932 में उन्हें छह-छह माह की कैद हुई, जबकि 1942 के सत्याग्रह आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण वर्ष 1942 से 1945 तक 25 माह तक नजरबंद रखा गया।
उन्होंने बताया कि हरिफल सिंह ने काशी विद्यापीठ में प्रथम पुस्तकालयाध्यक्ष के रूप में 35 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इसके साथ ही वे 'राष्ट्र सेवक' एवं 'अमर हलचल' समाचार पत्रों के संपादक भी रहे। स्वाभिमानी व्यक्तित्व के धनी हरिफल सिंह ने स्वतंत्रता सेनानी पेंशन और सांसद बनने के प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया था।
16 जून 1985 को उनके निधन के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई थी। पुण्यतिथि के अवसर पर उनके प्रपौत्र डॉ. अविनाश सिंह द्वारा 16 जून 2026 को सायं 4 बजे से नदेसर स्थित साईं मंदिर परिसर में शरबत एवं निःशुल्क दवा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।