इंजीनियर्स भवन, आई.ई.आई., रिवर बैंक कॉलोनी, लखनऊ में किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता राज विक्रम सिंह (सॉलिसिटेशन एवं आर्गयुइंग काउंसिल, उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ पीठ, न्यायिक क्षेत्र, लखनऊ एवं सर्वोच्च न्यायालय) ने सहभागिता की। अपने व्याख्यान में उन्होंने पेटेंट कानून एवं कॉपीराइट संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी प्रगति के साथ बौद्धिक संपदा की सुरक्षा का महत्व और अधिक बढ़ गया है, तथा अभियंताओं, शोधकर्ताओं एवं उद्यमियों को इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने पेटेंट प्राप्त करने की प्रक्रिया, कॉपीराइट संरक्षण के प्रावधानों तथा कानूनी चुनौतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो० (डॉ.) भरत राज सिंह द्वारा की गई।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी व्याख्यान अभियंताओं, विद्यार्थियों एवं उद्योग जगत के लिए अत्यंत उपयोगी हैं तथा इनसे विधिक एवं तकनीकी ज्ञान में वृद्धि होती है। उन्होंने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संस्था द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की बात कही कार्यक्रम के संयोजक इं. के. पी. त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय संस्था के मानद सचिव इं. एन. के. निषाद द्वारा किया गया। अंत में उन्होंने सभी उपस्थित अभियंताओं, शिक्षाविदों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।