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  • Hindu Public Meeting in Village Hannikheda, Hardoi, Addressed by National President Hindu Dev Prakash Shukla

ग्राम हन्नीखेड़ा, हरदोई में हिंदू जनसभा को राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने किया संबोधित

गौशालाओं एवं गुरुकुलों की स्थापना, गौसेवा, संस्कारयुक्त शिक्षा और जनवरी 2027 में 51 बेटियों के विवाह का संकल्प दोहराया

हन्नीखेड़ा, थाना अतरौली, जिला हरदोई, उत्तर प्रदेश।

ग्राम हन्नीखेड़ा, थाना अतरौली, जिला हरदोई में आयोजित हिंदू जनसभा को राष्ट्रीय युवा वाहिनी नेशनल वालंटियर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षण, गौसेवा, गौरक्षा, गुरुकुल परंपरा के पुनर्जीवन, सामाजिक समरसता, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा राष्ट्रहित में संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया जनसभा में उपस्थित लोगों के बीच संगठन की विचारधारा, सामाजिक दायित्वों और भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई 🚩 गौशालाओं और गुरुकुलों की स्थापना हमारी प्राथमिकता — हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हमारी सनातन परंपराओं, गौमाता के प्रति श्रद्धा, गुरु-शिष्य परंपरा और संस्कारयुक्त शिक्षा में निहित है। इन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प केवल विचार व्यक्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना भी है। इसी उद्देश्य से गौशालाओं की स्थापना, गुरुकुलों का विकास और बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवों के प्रति करुणा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुधन संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ी हुई है। गौशालाओं के माध्यम से निराश्रित गोवंश की देखभाल तथा उनकी सेवा के लिए समाज को आगे आना चाहिए 📚 गुरुकुल शिक्षा से संस्कारवान समाज का निर्माण हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने गुरुकुल व्यवस्था पर विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को चरित्रवान, अनुशासित, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है उन्होंने कहा कि गुरुकुलों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत, योग, नैतिक शिक्षा, वेदों के अध्ययन और आधुनिक शिक्षा के उपयोगी समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। उनका मानना है कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसमें बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध भी प्राप्त हो उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को यथासंभव सहयोग मिल सके, इसके लिए समाज के सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए 🚩 जनवरी 2027 में 51 बेटियों के विवाह कराने का संकल्प जनसभा के दौरान हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में 51 बेटियों के विवाह कराने का संकल्प लिया गया है उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रत्येक समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। आर्थिक अभाव के कारण किसी परिवार को अपनी बेटी के विवाह में असहाय महसूस न करना पड़े, इसके लिए सामाजिक संगठनों और समाज के सहयोग से सहायता के प्रयास किए जाने चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों के प्रति सम्मान केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की मदद, बेटियों की शिक्षा और उनके आत्मसम्मान को मजबूत बनाने जैसे कार्यों के माध्यम से इसे धरातल पर उतारना चाहिए उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस सामाजिक संकल्प को सफल बनाने के लिए सहयोग, सेवा और सहभागिता की भावना से आगे आएँ 🇮🇳 भारत को वैदिक सनातन राष्ट्र बनाने का संकल्प  राष्ट्रीय अध्यक्ष हिंदू देव प्रकाश शुक्ला जी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका संकल्प भारत की वैदिक सनातन ज्ञान परंपरा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए समाज में सेवा, सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “राष्ट्र सर्वोपरि, सेवा ही संगठन की पहचान” के भाव के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की वास्तविक शक्ति सत्य, करुणा, त्याग, सेवा, कर्तव्य और मानवता में निहित है। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर ही एक सशक्त, संस्कारित और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सकता है उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की सामाजिक गतिविधियों में गौसेवा, गुरुकुलों का विकास, जरूरतमंद बेटियों की सहायता, शिक्षा को प्रोत्साहन और जनकल्याण को विशेष महत्व दिया जाएगा।

🤝 संगठन की मजबूती और युवाओं की भागीदारी पर जोर

कार्यक्रम के दौरान युवा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, जरूरतमंदों की सहायता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण जैसे सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए।

इस अवसर पर विशाल अर्कवंशी को युवा प्रकोष्ठ में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी दी गई। संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में उनसे सक्रियता, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

जनसभा में किसान मजदूर प्रकोष्ठ के राष्