बरसात के बाद मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए गांव में हुआ छिड़काव*

 _जलभराव वाले स्थानों की कराई गई सफाई, एंटी लार्वा दवा के छिड़काव के साथ मशीन से की गई फॉगिंग_ 

 *खखरेरू/फतेहपुर* बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विजयीपुर विकासखंड के कठरिया गांव में सफाई अभियान चलाया गया। विकासखंड से पहुंची आधा दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों की टीम ने गांव में जलभराव वाले स्थानों की सफाई कराने के साथ नालियों की साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराई। इसके बाद एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। कुछ स्थानों पर चूना डालने के साथ मशीन से फॉगिंग भी कराई गई जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह सफाई कर्मियों की टीम कठरिया गांव पहुंची। टीम ने सबसे पहले उन स्थानों को चिह्नित किया, जहां बारिश का पानी जमा था। ऐसे स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था कराई गई, ताकि जमा पानी में मच्छरों के पनपने की आशंका को कम किया जा सके। इसके बाद गांव की नालियों और आसपास के गंदगी वाले स्थानों की सफाई की गई। सफाई अभियान के अगले चरण में मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उद्देश्य से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार कुछ स्थानों पर चूना डाला गया। गांव के विभिन्न स्थानों पर मशीन के माध्यम से फॉगिंग भी कराई गई, जिससे मच्छरों के प्रकोप को कम करने और डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम में मदद मिल सके अभियान के दौरान सफाई कर्मियों ने ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। टीम ने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और नालियों की नियमित सफाई कराएं। यदि कहीं पानी जमा होता है तो उसकी निकासी की व्यवस्था करें। साथ ही आसपास गंदगी न फैलाने और सफाई अभियान में सहयोग करने के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया बरसात के बाद मच्छरों का प्रजनन बढ़ने की आशंका को देखते हुए गांव में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को कम करना है। ऐसे में ग्रामीणों की सहभागिता और नियमित साफ-सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है  _जलभराव वाले स्थानों की कराई गई सफाई, एंटी लार्वा दवा के छिड़काव के साथ मशीन से की गई फॉगिंग_  *खखरेरू/फतेहपुर* बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विजयीपुर विकासखंड के कठरिया गांव में सफाई अभियान चलाया गया। विकासखंड से पहुंची आधा दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों की टीम ने गांव में जलभराव वाले स्थानों की सफाई कराने के साथ नालियों की साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था कराई। इसके बाद एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। कुछ स्थानों पर चूना डालने के साथ मशीन से फॉगिंग भी कराई गई जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह सफाई कर्मियों की टीम कठरिया गांव पहुंची। टीम ने सबसे पहले उन स्थानों को चिह्नित किया, जहां बारिश का पानी जमा था। ऐसे स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था कराई गई, ताकि जमा पानी में मच्छरों के पनपने की आशंका को कम किया जा सके। इसके बाद गांव की नालियों और आसपास के गंदगी वाले स्थानों की सफाई की गई सफाई अभियान के अगले चरण में मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के उद्देश्य से एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार कुछ स्थानों पर चूना डाला गया। गांव के विभिन्न स्थानों पर मशीन के माध्यम से फॉगिंग भी कराई गई, जिससे मच्छरों के प्रकोप को कम करने और डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम में मदद मिल सके अभियान के दौरान सफाई कर्मियों ने ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। टीम ने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और नालियों की नियमित सफाई कराएं। यदि कहीं पानी जमा होता है तो उसकी निकासी की व्यवस्था करें। साथ ही आसपास गंदगी न फैलाने और सफाई अभियान में सहयोग करने के लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया रसात के बाद मच्छरों का प्रजनन बढ़ने की आशंका को देखते हुए गांव में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को कम करना है। ऐसे में ग्रामीणों की सहभागिता और नियमित साफ-सफाई को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।