जिलाधिकारी को 7 मई 2026 को भेजी गई रजिस्ट्री, हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को हुई थी।
वाराणसी। तहसील पिण्डरा क्षेत्र के जगदीशपुर, बाबतपुर निवासी लौटन सहित अन्य प्रार्थियों ने विवादित भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग और बिक्री को लेकर प्रशासन के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों ने उपजिलाधिकारी पिण्डरा को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा वर्ष 1984 में पारित यथास्थिति आदेश के बावजूद विपक्षीगण जमीन की प्लाटिंग कर बिक्री कर रहे हैं।
प्रार्थियों के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित याचिका संख्या 13647/1983 में दिनांक 14 फरवरी 1984 को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया गया था। इसके बावजूद कथित रूप से अधिकारियों की मिलीभगत से खतौनी में नाम दर्ज कराकर जमीन की बिक्री और प्लाटिंग कराई जा रही है।
शिकायत में कहा गया है कि फुलेसरी पत्नी सरजू की मृत्यु के बाद उनके पुत्र समारू एवं गुडुन तथा समारू की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अमरबहादुर, लक्षिमन, अर्जुन, श्रीमती दुखना देवी समेत अन्य लोग “कैलाश नगरी” नाम से प्लाटिंग का बोर्ड लगाकर भूखंडों की बिक्री कर रहे हैं। प्रार्थना पत्र में तहसीलदार फूलपुर एवं रजिस्ट्रार कार्यालय पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
पीड़ितों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि विपक्षीगण को प्लाटिंग अथवा बिक्री का कोई वैधानिक आदेश प्राप्त है, तो वह आदेश किस वर्ष का है और उसे सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाए। उनका कहना है कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और यथास्थिति आदेश प्रभावी है, तब भूमि की खरीद-फरोख्त न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकती है।
प्रार्थियों द्वारा जिलाधिकारी वाराणसी को भी 7 मई 2026 को रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी गई थी। वहीं, उच्च न्यायालय में मामले की पिछली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को हुई थी।
पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि विवादित भूमि की बिक्री एवं प्लाटिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, ताकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की गरिमा बनी रहे तथा प्रार्थियों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
प्रार्थना पत्र के साथ उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति, कथित बैनामे की प्रतिलिपि एवं न्यायालय में लंबित मुकदमे से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी वाराणसी एवं तहसीलदार पिण्डरा को भी भेजी गई है।