राजातालाब के कनकपुर में भूमि विवाद को लेकर पीड़ित ने प्रशासनिक मिलीभगत और दबंगई का लगाया आरोप।
वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर गांव में भूमि विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपनी निजी भूमि पर मकान निर्माण कार्य को जबरन रुकवाने, प्रशासनिक दबाव बनाने तथा लगातार उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त बाबतपुर से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित के अनुसार उसकी निजी भूमि आराजी संख्या 43, रकबा 3530, मौजा कनकपुर, तहसील राजातालाब, जिला वाराणसी में स्थित है, जहां वह अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहा था। आरोप है कि गांव के ही निवासी सुरेंद्र कुमार निर्माण कार्य रुकवाने की नीयत से यह झूठा आरोप लगा रहे हैं कि मकान नाली की भूमि पर बनाया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि राजातालाब एसडीएम द्वारा मौके पर नाली का सीमांकन कराया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से पाया गया कि निर्माणाधीन मकान नाली की जमीन में नहीं आ रहा है। राजस्व विभाग की टीम ने भी निर्माण कार्य को सही बताते हुए मकान बनवाने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद विपक्षी लगातार निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और तहसील स्तर पर मिलीभगत के कारण उसका निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है। यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा “ऊपर से दबाव” होने की बात भी कही गई। पीड़ित का कहना है कि उसने स्थानीय थाने और एसीपी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले को लेकर पीड़ित ने पुलिस आयुक्त बाबतपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा। प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधिकारी द्वारा लिखित आदेश दिया गया कि आवेदक के पास राजस्व विभाग की खतौनी रिपोर्ट, भूमि अभिलेख एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं। यदि विपक्षी पक्ष के पास कोई वैध राजस्व रिपोर्ट, न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी का आदेश हो तभी उसे देखा जाए, अन्यथा बिना कारण निर्माण कार्य न रुकवाया जाए।
पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अपनी निजी भूमि पर निर्माण कार्य कराने हेतु सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।