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  • The grand inauguration of Shrimad Bhagwat Katha took place today at Rukmini Bhawan, Triveni Nagar-3.

रुक्मणी भवन, त्रिवेणी नगर-3 में आज से श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ।

इस पावन अवसर पर प्रातःकाल भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैंड-बाजों के साथ निकली इस शोभायात्रा में मुख्य यजमान श्री अनिल कुमार अग्रवाल जी सिर पर श्रीमद् भागवत की पोथी धारण कर श्रद्धालुओं के साथ भक्ति भाव से सम्मिलित हुए। महिलाओं एवं पुरुषों ने नृत्य करते हुए पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

सायं 4:00 बजे से कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से कथा का वाचन प्रारंभ किया। कथा के प्रथम दिन महाराज श्री ने श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ग्रंथ मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार की ओर प्रेरित करता है।

उन्होंने सनातन धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि हमारे धर्म में चार वेद, छह शास्त्र, अठारह पुराण और दो इतिहास ग्रंथ हैं, जो जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान समूचा वातावरण भक्तिमय बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए।