लखनऊ। नोएडा में आन्दोलनकारी मजदूरों के ऊपर दमन के खिलाफ आज ऐक्टू ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक किया मार्च किया और राज्यपाल महोदया को सम्बोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी (भूमि अधिग्रहण) श्री कमलेश कुमार को सौंपा।
ऑल इंडिया सेंट्रल काउन्सिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) के राज्यव्यापी आवाह्न पर आज दोपहर 12 बजे ऐक्टू के जिला मंत्री का0 कुमार मधुसूदन मगन के नेतृत्व में मजदूरों ने परिवर्तन चौक पर इकट्ठा होकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया।
प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे,"नोएडा के मजदूरों पर दमन नहीं चलेगा।" गिरफ्तार मजदूरों को तत्काल बिना शर्त रिहा करो। घटना की उच्च स्तरीय जांच कराओ और दोषी अधिकारियों को दण्डित करो"प्रदेश में 34000/- न्यूनतम मजदूरी दो।"चार श्रमकोड खत्म कर पुराने श्रम कानून बहाल करो।"आदि नारे लगाते हुए जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा।
इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए का0 कुमार मधुसूदन मगन ने आन्दोलन कारियों के ऊपर किए गए दमन की कड़ी आलोचना करते हुए समूची घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और इसके लिए दोषी अधिकारियों को दण्डित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में दसियों वर्ष से वेज रिवीजन न होने के चलते अपने वेतन बढ़ोतरी के लिए आवाज उठाने वाले मजदूरों के ऊपर दमनकारी कार्यवाही करके इस सरकार ने अपना मजदूर विरोधी फासीवादी चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने गिरफ्तार मजदूरों को अविलंब रिहा करने तथा उन्हें 34000/- वेतन देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में प्रमुख रूप से निर्माण मजदूर यूनियन की जिला अध्यक्ष का0मंजू गौतम,का0रमेश शर्मा,का0रामसेवक रावत,का0 सतीश राव, का0 आलम अंसारी,कमलेश गौतम,जगतराम, का0रामकिशोर रावत, का0 छुटक्के आदि लोग सामिल थे।