बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण पेयजल योजना का मुख्य उद्देश्य आमजनमानस को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने नामित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों तथा अनारंभ परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही उन्होंने योजना की प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने हेतु सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि विद्यालयों, पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों तक नियमित जलापूर्ति हो रही है या नहीं। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने भूमि उपलब्धता की समस्या वाले कार्यों पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देशित किया कि जहां भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित उप जिलाधिकारी को तत्काल पत्र प्रेषित कर भूमि उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो। इस मौके पर उन्होंने संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाओं को ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ लगवाने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु दो कार्यदायी संस्थाएं नामित की गई हैं तथा उनके द्वारा अब तक की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। बैठक के दौरान जिला विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।