पंचायत चुनाव में EVM के खिलाफ लोकदल का अभियान

चुनाव हाईजैक करने का सुनील सिंह नें लगाया  आरोप

लखनऊ। लोकदल के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने EVM तथा पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM केवल एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जबकि उसकी प्रोग्रामिंग और नियंत्रण पर सत्ता पक्ष का प्रभाव रहता है।

सुनील सिंह ने कहा कि “EVM एक मशीन भर है, असली खेल उसकी प्रोग्रामिंग का होता है। हमारी आशंका है कि चुनाव के समय विशेष तरीके से प्रोग्रामिंग इंस्टॉल कर चुनावी परिणामों को प्रभावित किया जाता है। चुनावों में EVM के जरिए चुनावों को हाईजैक करने के आरोप लगते रहे हैं, उसी तरह अब पंचायत चुनावों को हाईजैक करने की तैयारी  है।ताकि गावों पर भी कब्जा किया जा सके। 

लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से पंचायत चुनाव कराए जाने हेतु निविदा आमंत्रित किया जाना बेहद चिंताजनक है। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक अब मशीनों के भरोसे चुनाव कराने की योजना बनाई जा रही है, जो लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला कदम है।

सुनील सिंह ने कहा कि जब देशभर में EVM की विश्वसनीयता को लेकर लगातार प्रश्न उठते रहे हैं, तब गांव की सरकार के चुनाव भी मशीनों के हवाले करना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।

उन्होंने कहा, “EVM एक मशीन भर है, असली खेल उसकी प्रोग्रामिंग का होता है। हमारी आशंका है कि चुनाव के समय विशेष तरीके से प्रोग्रामिंग इंस्टॉल कर चुनावी परिणामों को प्रभावित किया जाता है। पंचायत चुनाव में EVM नहीं, BJP का ‘गांव कब्ज़ा मिशन’ चलाया जा रहा है। पंचायत चुनाव मशीनों से नहीं, बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।

लोकदल अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि अगर EVM पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित है तो फिर हर चुनाव के बाद सवाल और विवाद क्यों खड़े होते हैं? पंचायत चुनाव लोकतंत्र की सबसे निचली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन सरकार अब यहां भी जनता के भरोसे की जगह मशीनों पर भरोसा थोपना चाहती है।उन्होंने कहा जनता वोट देगी या मशीन फैसला करेगी? यह सवाल अब पूरे उत्तर प्रदेश की जनता पूछ रही है।

सुनील सिंह ने ऐलान किया कि पार्टी ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर अभियान चलाकर जनता के बीच EVM से जुड़ी कथित धांधली और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को उठाएगी। साथ ही वीडियो और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से भी जनता को जागरूक किया जाएगा। अंत में सुनील सिंह ने चुनाव आयोग से मांग की कि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं तथा चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित कर जनता का विश्वास मजबूत किया जाए।