शक्ति वन्दन अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, जन-जागरण एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 (महिला आरक्षण अधिनियम-2023) के जमीनी स्तर पर व्यापक समर्थन हेतु जनपद की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित मुख्य महिला अतिथियों यथा अधिष्ठात्री, प्रवक्ता, चिकित्सक, अधिवक्ता तथा सहायक अध्यापिका एवं जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में कार्यक्रम/प्रेस वार्ता का आयोजन पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम, हाथरस में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित महिलाओं यथा डॉ० पवित्रा विद्या अलंकार, अधिष्ठात्री, कन्या गुरूकुल सासनी, श्रीमती प्रियंका सरोज, प्रोफेसर आर0डी0 डिग्री कॉलेज, डॉ० दीपिका शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, अधिवक्ता सुश्री ऋतु गौतम तथा सहायक अध्यापिका नीलम देवी ने अपने-अपने संबोधन के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वन्दन अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। नारी शक्ति वन्दन अभियान का शंखनाद दिनांक 16 अप्रैल, 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मा0 नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित होने वाला विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 (महिला आरक्षण अधिनियम-2023) के सन्दर्भ में अत्यन्त ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। यह सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नए अध्याय का प्रतीक होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023, (महिला आरक्षण अधिनियम-2023) मार्च, 2023 को महिला दिवस पर श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा लोकसभा में पेश किया गया। 19 सितबर, 2023 को लोकसभा और 21 सितंबर को राज्यसभा से पारित किया गया। मा0 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (महिला आरक्षण अधिनियम-2023) को 28 सितंबर 2023 को मा0 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी। जो नए संसद भवन में पारित पहला विधेयक बना। उन्होंने कहा कि 1952 में लोकसभा में मात्र 22 महिलाएं थी, अब 75 से अधिक है। राज्यसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 17 प्रतिशत तक पहुंचा है। यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। यह अधिनियम महिलाओं को केवल मतदाता नहीं, बल्कि नीति-निर्माता बनने का अवसर देता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल आरक्षण का कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और नेतृत्व का नया अध्याय है। यह अधिनियम महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में सहायक होगा। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह आरक्षण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं पर भी लागू होगा। इससे संसद और विधान सभाओं में महिलाओं की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी सीमित है, जबकि इस कानून के बाद यह लगभग एक-तिहाई तक पहुंच सकती है। महिलाओं की भागीदारी बढने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा जैसे मुद्दों को अधिक प्राथमिकता मिलेगी। पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के आरक्षण के सकारात्मक परिणाम पहले ही देखे जा चुके हैं। ग्रामीण और शहरी दोनो क्षेत्रों की महिलाओं को नेतृत्व का नया अवसर मिलेगा। इससे राजनीति में पुरुष और महिला के बीच संतुलित प्रतिनिधित्व स्थापित होगा। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी। यह अधिनियम आने वाली पीढ़ी की महिलाओं को राजनीति और नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा। यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार देता है। यह कानून देश के विकास में महिलाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाएगा। यह अधिनियम महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने का प्रयास है। यह अधिनियम नई पीढ़ी की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा। महिला जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षिकाओं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं की भागीदारी इस अभियान को और प्रभावी बनाएगी। यह अधिनियम महिलाओं के सम्मान, समानता, सुरक्षा और नेतृत्व के नए युग का प्रतीक बनेगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से मातृशक्ति को राष्ट्र के नेतृत्व में सहभागी बनाने के ऐतिहासिक निर्णय हेतु मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का कोटि-कोटि आभार। आपका यह कदम विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान जनपद की प्रभावी एवं प्रतिष्ठित महिलाओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और वे नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंनें कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगी, तो नीतियां अधिक संवेदनशील, समावेशी और समाज के हर वर्ग के हित में होंगी। यह अधिनियम न केवल वर्तमान की महिलाओं को सशक्त करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह पहल “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त नारी ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है। कार्यक्रम के मौके पर कन्या गुरुकुल सासनी की छात्राओं शिखा आर्या कक्षा 12, झांसी की रानी की वीरता पर आधारित कविता, श्रिया आर्य ने कविता का पाठ, श्रुति आर्य ने नारी शक्ति पर आधारित कविता ‘‘नारी आयो बोलो’’ पर आधारित कविता का पाठ किया तथा संगीत विद्यालय की टीम ने मातृ शक्ति पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर श्रीमती सुनीता मिश्रा प्रभारी परिवार परामर्श केन्द्र ने मिशन शक्ति तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में विचार साझा किये।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने सोशल वर्कर नितिन वर्मन, वैष्णो देवी, फ्री ऐजूकेशन सोनू यादव, प्रभारी वन स्टॉप सेंटर मनीषा भारद्वाज, छात्रा अंशिका दीक्षित तथा महिला पुलिस कर्मियों यथा रूचि, रीना यादव, कामिनी, नेहा, बबली चौधरी, कविता चौधरी तथा प्रेमलता को उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पी0एन0दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा जनपद की प्रतिष्ठित महिलाएं, मातृ शक्ति, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकार बंधु आदि उपस्थित रहें।