प्रतिबंधित सॅाफ्टवेयरों की मदद से दलाल इसमें सेंधमारी कर रहे हैं। जनवरी से अब तक करीब 18 हजार तत्काल कोटे की सीटों पर दलालों ने हाथ साफ कर दिया है। इधर यात्री कन्फर्म टिकटों की आस लगाए बैठे रहे। पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी में तत्काल कोटे की सीट के लिए सुबह भी नहीं हुआ लेकिन, कोटा खुलते ही वेटिंग शुरू हो गई।
यह सिर्फ किसी एक की ही परेशानी नहीं है, बल्कि ऐसे हजारों यात्री रोजाना तत्काल कोटे की आस में कतार लगाते हैं। कोटा खुलने पर उन्हें मायूसी हाथ लगती है।
जबकि, तत्काल कोटे में बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रहती हैं। लेकिन, इन पर दलाल हाथ साफ कर देते हैं।