व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व विषय पर परिचर्चा __________

लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ के दर्शनशास्त्र विभाग एवं एनसीसी विंग के संयुक्त तत्वावधान में  महेंद्र कौर सोढ़ी स्मृति परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया I जिसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व  विषय पर परिचर्चा एवं महाविद्यालय की उन नौ छात्राओं को सम्मानित किया गया  जिन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा 2025-26 में आयोजित सेमेस्टर परीक्षा में दर्शनशास्त्र विषय में 75 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए तथा 2025-26 में एनसीसी की क्लास में शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए 14 कैडेटों को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया  परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर राकेश चंद्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र लखनऊ विश्वविद्यालय तथा मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक ( कमांडिंग ऑफिसर 19 उत्तर प्रदेश गर्ल्स बटालियन) उपस्थित रहे I कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने की तथा संयोजन विभागाध्यक्ष दर्शनशास्त्र मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने किया I संचालन प्रोफेसर संगीता कोतवाल, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर ने किया  सम्मानित होने वाली छात्राओं में सेमेस्टर चार में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त करने हेतु अनन्या तिवारी, 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने हेतु अन्वेषा तिवारी, 81 प्रतिशत अंक प्राप्त करने हेतु जिज्ञासा यादव, एवं 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने हेतु वैष्णवी पाठक, सेमेस्टर तीन में 78 प्रतिशत अंक के लिए आराधना, 76 प्रतिशत अंक के लिए खुशी सिंह, 77 प्रतिशत अंक हेतु सहरीन, सेमेस्टर 1 में 76 प्रतिशत अंक हेतु लक्ष्मी राठौर प्रत्येक को रूपये एक हज़ार के नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति चिन्ह प्रदान किया गया  इसके साथ ही 2015-26 के सत्र में एन.सी.सी.कक्षाओं में शत प्रतिशत उपस्थिति हेतु कैडेट दीप्ति, सिद्धी यादव, बुशरा हामिद, प्रियांशी चौरसिया, प्रीति कुमारी, दिव्यांशी वर्मा, खुशी निषाद, अरुंधति यादव, प्रिया रावत, अलीशा, निधि वाजपेई, मानसी वर्मा, इला सिद्दीकी तथा रिया विश्वकर्मा प्रत्येक को रू एक हजार नकद एवं प्रशस्ति चिन्ह प्रदान किया गया  ये विशेष समारोह एवं नगद पुरस्कार मेजर (डॉ.)मनमीत कौर सोढ़ी द्वारा अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती महेंद्र कौर सोढ़ी जी की जन्म दिवस की स्मृति में विगत 12 वर्षों से प्रदान किया जा रहा है  मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि दर्शन की दृष्टि से स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छन्दता नहीं है। अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी कर पाना स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपने विवेक के आधार पर उचित चुनाव कर पाना वास्तविक स्वतंत्रता है। 

इसी प्रकार इमैनुएल कांट के दर्शन में स्वतंत्रता का संबंध नैतिकता से है। मनुष्य तभी वास्तविक अर्थ में स्वतंत्र है, जब वह केवल अपनी इच्छाओं का दास न होकर विवेक और नैतिक नियमों के आधार पर निर्णय ले। गीता का संदेश हमें अधिकार के साथ कर्तव्य की याद दिलाता है। वहीं गांधीजी के चिंतन में स्वराज केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि स्वयं पर शासन करने और अपने आचरण को नियंत्रित करने की क्षमता भी है मुख्य अतिथि कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक ने कहा युवाओं को विशेष रूप से अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, अनुशासन एक बेहतर जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है I व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व केवल समकालीन समाज का विषय नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के एक मूलभूत दार्शनिक प्रश्न से जुड़ा हुआ है मनुष्य एक स्वतंत्र चेतन प्राणी है। वह अपने विचार रखता है, अपने जीवन के निर्णय लेता है और अपने भविष्य का निर्माण करता है। लेकिन साथ ही मनुष्य एक सामाजिक प्राणी भी है। इसलिए उसकी स्वतंत्रता का संबंध केवल उसके अपने जीवन से नहीं, बल्कि उसके आसपास के लोगों और पूरे समाज से भी जुड़ा हुआ है प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी सम्मानित होने वाली छात्राओं तथा उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जीवन में इसी प्रकार से लक्ष्य केंद्रित होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा जन्मदिवस की स्मृति के उपलक्ष में छात्राओं को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने जैसे पुनीत कार्य की प्रशंसा की I सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव सजग रहने के लिए प्रेरित किया I स्वतंत्रता का वास्तविक मूल्य तभी है, जब वह दूसरे की स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान करे कार्यक्रम संयोजक मेजर (डॉ.)मनमीत कौर सोढ़ी ने कहा कि आज के समय में यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो गया है। हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है, अपने करियर और जीवन-शैली का चुनाव करने की स्वतंत्रता है और डिजिटल माध्यमों पर अपने विचार रखने की स्वतंत्रता भी है। लेकिन क्या इन स्वतंत्रताओं के साथ हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है? वास्तव में, अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। अधिकार हमें स्वतंत्रता देते हैं और उत्तरदायित्व उस स्वतंत्रता को सही दिशा देता है इस अवसर पर हरमीत कौर आनंद, डॉ क्षमा तिवारी, डॉ आभा दुबे, छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावक नीलिमा तिवारी, मीता तिवारी, नीतू यादव, मीरा गुप्ता, सपना पाठक, पप्पी, पुन सिंह, खालीकुन निशा, मनोरमा देवी, इशरत फातिमा, रीता देवी, उषा देवी, आशा, संगीता वर्मा, खुशबू विश्वकर्मा, रंजीत कुमार, वीरेंद्र वर्मा, अजमेर सिंह, अनिल कुमार बाजपेई, मोहम्मद वसीम तथा रुखसार, प्रवक्ता प्रो विनीता सिंह, प्रो सीमा सरकार, डॉ ऐश्वर्या सिंह, डॉ नेहा अग्रवाल, प्रो ज्योत्सना, नीलम समेत बड़ी संख्या में प्रवक्ताएँ छात्राएं एवं एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे I