मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। तहसील स्वार क्षेत्र के ग्राम रुस्तमनगर, निकट छपरा के किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि कोसी नदी की बदलती धारा के कारण उनके खेतों की सीमाएं प्रभावित हो चुकी हैं, ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में चकबंदी होने से छोटे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में किसानों ने बताया कि वे गांव के छोटे-छोटे काश्तकार एवं निवासी हैं। गांव के किनारे कोसी नदी बहती है। प्रत्येक वर्ष बाढ़ आने के कारण नदी अपना रास्ता बदलती रहती है, जिससे खेतों की सीमांकन व्यवस्था प्रभावित होती है और किसानों की भूमि की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट नहीं रह जाती हैं किसानों का कहना है कि वर्तमान में रुस्तमनगर के कुल रकबे का कुछ हिस्सा कोसी नदी के अंदर समायोजित हो चुका है। नदी की धारा बदलने से गांव में सीमांकन की स्थिति पहले ही जटिल बनी हुई है। ऐसे में यदि मौजूदा परिस्थितियों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो छोटे किसानों के हित प्रभावित होने की आशंका है दबंगों पर जमीन कब्जाने का आरोप प्रार्थना पत्र में किसानों ने कुछ प्रभावशाली और दबंग लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर उनकी भूमि कोसी नदी में समायोजित हो चुकी है, वहां कथित तौर पर कुछ लोगों ने अपना चक बनवा लिया है। किसानों का आरोप है कि इससे उन्हें एक तरफ से भूमिहीन होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है आवेदकों ने आरोप लगाया कि चकबंदी प्रक्रिया में जो भी लाभ पहुंच रहा है, उसका फायदा बड़े और दबंग काश्तकारों को मिल रहा है, जबकि छोटे किसानों के सामने अपनी जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है डीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग किसानों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम रुस्तमनगर, निकट छपरा, तहसील स्वार की चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है। साथ ही नदी की वास्तविक स्थिति, भूमि की सीमाओं और किसानों के अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराकर ही आगे की कार्रवाई करने की मांग उठाई है किसानों का कहना है कि यदि बिना वास्तविक स्थिति का परीक्षण किए चकबंदी की गई तो छोटे और गरीब किसानों को अपनी जमीन से हाथ धोना पड़ सकता है। प्रार्थना पत्र 31 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष दिया गया है।