17 सार्वजनिक वाटर कूलरों के संचालन पर सवाल, न मीटर का पता और न वैध कनेक्शन की जानकारी; सरकारी राजस्व को नुकसान की आशंका_
*खखरेरू/फतेहपुर* नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए वाटर कूलरों के संचालन को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नगर पंचायत में करीब 17 वाटर कूलर बिना वैध विद्युत कनेक्शन और मीटर के संचालित किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाने वाले विद्युत विभाग के अधिकारियों का ध्यान अब तक इस ओर नहीं गया है नगर पंचायत की ओर से राहगीरों और आम नागरिकों को स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर लगवाए गए हैं। आरोप है कि इनमें से कई वाटर कूलरों को सीधे विद्युत लाइन से जोड़कर संचालित किया जा रहा है। इन पर न तो विद्युत मीटर दिखाई दे रहे हैं और न ही वैध कनेक्शन होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन वाटर कूलरों में प्रतिदिन खर्च होने वाली बिजली का हिसाब आखिर कहां दर्ज हो रहा है एक ओर विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम बिजली चोरी के मामलों में आम उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करती है और बकायेदारों के कनेक्शन काटे जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थलों पर संचालित हो रहे वाटर कूलरों को लेकर विभाग की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है। यदि ये वाटर कूलर बिना वैध कनेक्शन के चल रहे हैं तो बिजली की खपत का भुगतान कौन कर रहा है? क्या नगर पंचायत ने इनके संचालन के लिए विद्युत विभाग से कोई अनुमति या कनेक्शन लिया है नीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार जोधा सिंह नगर में दो, लोहारपुर में एक, सोथरापुर में दो, चचीड़ा में तीन, खखरेरू में तीन, दरियामऊ में दो, अहिल्याबाई होल्कर नगर में दो और पंडित दीनदयाल नगर में दो वाटर कूलर लगाए गए हैं। इन स्थानों पर बताए गए वाटर कूलरों की संख्या 17 है अब सवाल यह है कि सार्वजनिक सुविधा के नाम पर लगाए गए इन वाटर कूलरों का विद्युत कनेक्शन वैध है या फिर सरकारी बिजली का उपयोग बिना किसी हिसाब-किताब के किया जा रहा है? विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी स्थलीय जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे या फिर जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यह सिलसिला जारी रहेगा?इस संबंध में पावर हाउस के अवर अभियंता आनंद कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि जानकारी प्राप्त हुई है अभियान चलाकर जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।