रामपुर ।जनपद में एक महिला फरियादी ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लालकर निवासी अजर बेगम पत्नी शोएब खान ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया और बताया कि उनकी दुकान पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। पीड़िता के अनुसार दुकान में रखा सारा सामान भी गायब कर दिया गया है और दुकान का ताला तोड़कर अंदर से पूरा माल निकाल लिया गया।
पीड़िता अजर बेगम ने बताया कि उनकी दुकान मोती मस्जिद और नोएडा चौकी के बीच स्थित है। यह दुकान उनके परिवार की पुरानी आजीविका का मुख्य साधन रही है। उन्होंने कहा कि यह दुकान उनके पति शोएब खान के पास कई वर्षों से है और यह दुकान उनके वालिद (पिता) के जमाने से उनके परिवार के कब्जे में चली आ रही है। वेल्डिंग का काम करते-करते बिगड़ी आंखों की रोशनी
अजर बेगम ने बताया कि उनके पति शोएब खान पहले वेल्डिंग का कार्य करते थे, जिससे घर का खर्च चलता था। लेकिन वर्षों तक वेल्डिंग का काम करने के कारण उनकी आंखों पर बुरा असर पड़ा और अब उनकी आंखों की रोशनी काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके पति को अब ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे काम करना लगभग बंद हो गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। ताला तोड़कर दुकान पर कब्जे का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ दबंग किस्म के लोगों ने उनकी दुकान का ताला तोड़ दिया और दुकान के अंदर रखा सामान गायब कर दिया। इसके बाद दुकान पर कब्जा कर लिया गया। पीड़िता का कहना है कि दुकान उनके लिए रोजी-रोटी का सहारा थी, लेकिन कब्जा हो जाने के बाद परिवार पूरी तरह परेशान हो गया है। किराया समय-समय पर जमा करने का दावा
अजर बेगम ने बताया कि वह दुकान का किराया समय-समय पर जमा करती रही हैं। उन्होंने कहा कि वह दुकान को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहती, लेकिन जबरन कब्जा कर लिया गया है और सामान भी चोरी कर लिया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उनकी दुकान वापस दिलाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनका परिवार पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाए और दुकान को कब्जामुक्त कराया जाए। फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पीड़िता को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है और पीड़िता को न्याय दिला पाता है।