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  • Allegations of inaction despite photos, videos, purported evidence of child labor, witness statements, and formal complaints; demands for an impartial investigation intensify.

फोटो, वीडियो, बच्चों से काम कराने के कथित साक्ष्य, गवाहों के बयान और प्रार्थना पत्र के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश/ मुरादाबाद केजनपद में संचालित एक नमकीन फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि फैक्ट्री लंबे समय से नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित हो रही है और संबंधित विभागों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं, धूल और प्रदूषण पूरे इलाके के वातावरण को दूषित कर रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार फैक्ट्री में कम उम्र के बच्चों से भी काम कराया जा रहा है, जो बाल श्रम कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके पास बच्चों से काम कराए जाने के फोटो, फैक्ट्री के फोटो, वीडियो, स्थानीय लोगों के बयान तथा संबंधित अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र सहित कई साक्ष्य मौजूद हैं। उनका आरोप है कि इतने सबूत होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों का दावा है कि प्रदूषण के कारण गंभीर बीमारियां बढ़ी हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि दम घुटने और प्रदूषण से कई लोगों की मौतें हुई हैं। हालांकि इन मौतों के कारण और फैक्ट्री से उनके संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विभागों द्वारा नहीं की गई है।

लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, श्रम विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि फैक्ट्री के संचालन की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पर्यावरण मानकों की जांच हो, बाल श्रम के आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो फैक्ट्री संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन अधिकारियों ने शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाएंगे। उनका कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य से जुड़ा यह मामला किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। (संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में बाल श्रम, प्रदूषण, बीमारी, मौत और प्रशासनिक निष्क्रियता से जुड़े आरोप शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा किया जाना आवश्यक है।)