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  • Influential individuals illegally occupy submerged land in Nara village; administration remains a mute spectator.

नारा गांव में जलमग्न भूमि पर दबंगों का अवैध कब्जा, प्रशासन बना मूकदर्शक

नारा, कौशाम्बी। सिराथू तहसील सिराथू क्षेत्र के नारा ग्राम सभा में गांव में जलमग्न भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे की कोशिशें लगातार तेज होती जा रही हैं। सरकार द्वारा नारा गांव में काफी तालाब कोो जलमग्न भूमि घोषित कर ग्रामीणों के हित में छोड़ा गया था, लेकिन अबा इस जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों की बुरी नजर पड़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से इस भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जबकि सरकार स्पष्ट रूप से कह चुकी है कि किसी भी ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कैसे हो रहा है कब्जा? ग्रामीणों के द्वारा वह हल्का लेखपाल के द्वारा पूछा गया की ग्राम

सभा नारा में कितने तालाब हैं तो हल्का लेखपाल ने बताया ग्राम सभा नारा में 132 तालाब हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि वर्षों से स्वतंत्र रूप से गांव के हित में थी, लेकिन अब कुछ दबंगों ने इसे हड़पने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह अवैध कब्जा इतनी सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है। लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी भी इसमें संलिप्त हैं, जो रिश्वत लेकर इस अवैध कार्य को बढ़ावा दे रहे हैं।

भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कहीं अतिक्रमण हुआ है, तो उसे तुरंत खाली कराया जाए। इसके बावजूद सिराथू तहसील क्षेत्र में प्रशासन की लापरवाही साफनजर आ रही है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

कौशाम्बी। गांव के लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध कब्जे को रोका नहीं गया तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस मामले

की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन की चुप्पी, आखिर क्यों ?

कौशाम्बी। जब इस मामले पर प्रशासन से बात की गई, तो कोई भी अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आया। यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की चुप्पी किसी बड़े खेल का संकेत है? क्या वास्तव में सरकारी अधिकारी इस अवैध कब्जे में शामिल हैं? अगर नहीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

क्या होगी सरकार की अगली कार्रवाई ?

कौशाम्बी। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या प्रशासन की ढिलाई जारी रहेगी या फिर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी?

अनसुनी की जाएगी?। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से जल्द से जल्द इस अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है। यदि सरकार इस मामले पर ध्यान नहीं देती, तो यह सवाल उठता है कि आखिर जनता की आवाज कब तक अनसुनी जाएगी