प्रदेश के 44 संवेदनशील जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता का परीक्षण, नाव संचालन से लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन का किया गया
लखनऊ।प्रदेश में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं अतिवृष्टि की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को राज्यस्तरीय "बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026" का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस महानिदेशक पीएसी आलोक सिंह के निर्देशन तथा उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया।
प्रदेश के 44 संवेदनशील जनपदों की 118 तहसीलों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया। मॉक एक्सरसाइज में पीएसी की 17 वाहिनियों से 7 कंपनियां, 1 प्लाटून तथा एसडीआरएफ की 16 टीमों ने भाग लिया।
अभ्यास के दौरान नाव संचालन, बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना, लाइफ जैकेट एवं अन्य जीवनरक्षक उपकरणों का उपयोग, रस्सियों के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार तथा आधुनिक बचाव उपकरणों के प्रयोग का प्रदर्शन किया गया। साथ ही सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता की भी जांच की गई।
मॉक एक्सरसाइज में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य संबंधित विभागों ने सहभागिता कर आपदा प्रबंधन की समेकित कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया।
पुलिस महानिदेशक पीएसी आलोक सिंह ने निर्देश दिए कि बाढ़ राहत दलों एवं एसडीआरएफ टीमों की नियमित ब्रीफिंग, उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण तथा कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीएसी एवं एसडीआरएफ सदैव जनसेवा के लिए तत्पर रहती हैं। प्रदेशवासियों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए दोनों बल पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ हर समय तैयार हैं।