• Home
  • Uttar Pradesh
  • Moradabad
  • Allegations of corruption at the Moradabad RTO office spark an uproar; talk of an investigation intensifies the stir.

मुरादाबाद RTO कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप, जांच की चर्चाओं ने बढ़ाई हलचल

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश/ मुरादाबाद/जनपद के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में कथित भ्रष्टाचार, दलालों के नेटवर्क और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों और विभिन्न स्तरों पर सामने आ रहे आरोपों के बाद आरटीओ कार्यालय सुर्खियों में आ गया है। दावा किया जा रहा है कि कार्यालय में लंबे समय से सक्रिय दलालों, कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका तथा सरकारी कार्यों में अनियमितताओं को लेकर खुफिया एजेंसियां और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) सतर्क हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में कार्यालय की गोपनीय फाइलों, रिकॉर्ड और डेटा की जांच की चर्चा भी तेज है। यह भी कहा जा रहा है कि कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कुछ कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति एवं बेनामी संपत्तियों की भी पड़ताल हो सकती है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी सक्षम सरकारी एजेंसी या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

आरटीओ कार्यालय में आम लोगों से जुड़े कार्य जैसे वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य सेवाओं में दलालों की भूमिका को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई लोगों का आरोप रहा है कि बिना दलालों के माध्यम से कार्य कराना कठिन हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यदि इन आरोपों की जांच होती है और उनमें सच्चाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि शासन भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि फिलहाल सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आए इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने और संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।