• Home
  • Uttar Pradesh
  • Varanasi
  • Crores of rupees are pending in 694 Gram Panchayats for wages and material items, administration is accused of negligence.

694 ग्राम पंचायतों में मजदूरी और सामग्री मद के करोड़ों रुपये बकाया, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप।

वाराणसी:जनपद वाराणसी में मनरेगा योजना के तहत मजदूरी और सामग्री भुगतान में करीब एक वर्ष से हो रही देरी ने अब गंभीर रूप ले लिया है। हालात ऐसे हैं कि 694 ग्राम पंचायतों के श्रमिक और जनप्रतिनिधि अपने ही हक के लिए संघर्ष करने को मजबूर हो गए हैं। बताया जा रहा है कि अक्टूबर माह से मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल पाई है। करीब 3 करोड़ रुपये मजदूरी और लगभग 15 करोड़ रुपये सामग्री मद का भुगतान अब तक लंबित है। इससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्राम प्रधानों की स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी है। मजदूरों के बढ़ते आक्रोश और दुकानदारों व आपूर्तिकर्ताओं के कर्ज के दबाव के चलते प्रधान आर्थिक और मानसिक तनाव झेल रहे हैं। आरोप है कि इस तनाव के कारण कई प्रधान गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं, जबकि चार प्रधानों की मौत भी हो चुकी है।

भुगतान में देरी के चलते ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। कई बार जिला प्रशासन और शासन को लिखित शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। प्रधानों और श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे व्यापक स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।

जिला अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से लंबित मजदूरी और सामग्री भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की गई है। प्रधानमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री (भारत सरकार), मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सहित संबंधित सभी उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। “जब मेहनतकश का पसीना सूख जाए और मजदूरी न मिले, तो आक्रोश आंदोलन बन जाता है।”