अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने एक विज्ञप्ति में बताया है कि देश की संसद और विधानसभा में 33 फ़ीसदी महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर आज दिल्ली के जंतर मंतर पर कांग्रेस पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने को लेकर सरकार की मंशा साफ नहीं होने के चलते कांग्रेस पार्टी की ओर से आज जंतर-मंतर पर विशाल धरना और प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस ने इसके समर्थन के साथ-साथ सरकार की मंशा पर कई सवाल उठाए। कांग्रेस ने सरकार पर इस अधिनियम को 2029 तक टालने की मंशा का आरोप लगाते हुए इसे "धोखा" करार दिया, तथा तत्काल इसे लागू करने की मांग की, और इसमें ओबीसी (OBC) आरक्षण की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार चाहती तो 2023 में पास हुए इस बिल को 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जा सकता था, न कि परिसीमन और जनगणना का बहाना बनाकर 2029 तक टालना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि महिला आरक्षण के भीतर पिछड़ों (OBC) के लिए अलग से कोटा होना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार परिसीमन के जरिए राजनीतिक फायदा और सत्ता हथियाने का षड्यंत्र कर रही है। नेताओं ने कहा कि "कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है," लेकिन वर्तमान संशोधन का आरक्षण से कोई सीधा संबंध नहीं है, बल्कि यह परिसीमन का जरिया है। राहुल गांधी ने इस बिल को लेकर यह दावा किया कि पीएम महिला सांसदों के सामूहिक हस्तक्षेप से घबराते हैं और यह सरकार की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।