अमेठी में सम्भागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) महेंद्र बाबू गुप्ता पर एक पत्रकारों को फर्जी मुकदमे में फंसाने वा गुंडों से पिटवाने की धमकी देने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब पत्रकार सर्वेश त्रिपाठी रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि करने गए थे।पत्रकार को सूचना मिली थी कि लाइसेंस पास करने के नाम पर किसी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। इस शिकायत की पुष्टि के लिए पत्रकार की टीम एआरटीओ कार्यालय पहुंची थी। कार्यालय पहुंचने पर एआरटीओ महेंद्र बाबू गुप्ता अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। इस दौरान पत्रकार टीम ने कार्यालय में सार्वजनिक स्थल पर कई अनियमितताओं और गंदगी को देखा। उन्होंने सरकारी गोपनीयता का ध्यान रखते हुए गोपनीय अनुभाग को छोड़कर सार्वजनिक स्थल पर गंदगी की तस्वीरें खींची। जब एआरटीओ गुप्ता वापस लौटे, तो उन्होंने पत्रकारों से अभद्रता शुरू कर दी जिसकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने पूछा कि किसकी अनुमति से वीडियो और फोटो बनाया गया है। पत्रकारों ने एआरटीओ को बताया कि उन्हें अनियमितताओं और रिश्वतखोरी की शिकायत मिली थी। इस पर एआरटीओ ने कथित तौर पर पत्रकार को फर्जी मुकदमे में फंसाने वा गुंडों से पिटवाने की धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विकास तिवारी, सर्वेश श्रीवास्तव, दीपक आदि पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकारी गोपनीयता का ध्यान रखते हुए केवल सार्वजनिक स्थान का वीडियो बनाया था जिसके साक्ष्य मौजूद हैं। इस घटना के बाद दर्जनों पत्रकारों नें जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है।