अभाविप ने किया नारी शक्ति का वंदन |

लखनऊ। स्वाध्याय मंडल, लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई द्वारा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम: हर नारी की आवाज़, सशक्त भारत की पहचान” विषय पर संवाद कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नारी सशक्तिकरण तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुये शोध अवध की प्रान्त संयोजक तान्या ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। यह अधिनियम महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को सामने लाने और समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।”

राष्ट्रीय कला मंच अवध प्रान्त की प्रान्त संयोजक हर्षिका ने कहा कि “भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को शक्ति के रूप में देखा गया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी परंपरा को आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सशक्त रूप से स्थापित करने का माध्यम है।”

लखनऊ महानगर की महानगर छात्रा विस्तारिका अदिति पाल ने अपने विचार रखते हुये कहा कि “महिलाओं की सक्रिय सहभागिता के बिना राष्ट्र के समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है। यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देकर सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई की सह मंत्री सौम्या ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व के नए अवसर प्रदान कर उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।”

वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई की राष्ट्रीय कला मंच संयोजक तनु ने कहा कि “नारी सशक्तिकरण केवल अधिकार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सम्मान, समान अवसर और नेतृत्व के अवसर सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में सृष्टि कुशवाहा, एकता सिंह, ऋतु पाल, मुस्कान, रोहित मौर्या, जय श्रीवास्तव समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।