यू०पी० सिक्ख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की बैठक कानपुर में हुई आयोजित

सिक्ख समाज की समस्याओं पर वार्ता के लिए 15 जिलों से आए कमेटी प्रबंधक

लखनऊ। अध्यक्षता करते हुये हरविन्दर सिंह लार्ड ने कहा कि आज प्रदेश में सिक्ख समाज अलग- अलग रह कर बहुत सारी सेवाओं को अंजाम दे रहा है , कोविड का समय, बाढ़ का समय या और किसी भी प्रकृतिक आफ़त के समय सर्व प्रथम पहली पंक्ति में खड़ा मिलता है । इन सारी सेवाओं को एक साथ वृहद रूप देने के लिये आज उत्तर प्रदेश गुरुद्वारा सिक्ख मैनेजमेंट कमेटी की स्थापना की गयी है । 

लार्ड जी ने बताया कि आज प्रदेश के १५ ज़िलों से प्रबंधक कमेटियों के सदस्यों ने शिरकत की ।

लखनऊ से आये मंजीत सिंह तलवार व सुरेन्द्र पाल सिंह बक्शी , गुरजीत सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि हमें सिक्खों की उच्चस्तरीय शिक्षा ( नीट ,जे०ई० ,आई०एस० पी०सी० एस० कोचिंग सेंटर ) व सि्कल डेवलपमेंट सेंटर खोल कर रोज़गार पूरक शिक्षा के साथ जोड़ना चाहिये ।

 टांडा से आये धर्मवीर सिंह बग्गा ने कहा कि प्रदेश में एक नेटवर्क विकसित कर एक दूसरे के साथ सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को जोड़ा जायेगा , ताकि आने वाली किसी भी समस्या को जल्द से जल्द निस्तारण किया जा सके । 

गुरू का ताल आगरा से आये बाबा राजिन्दर सिंह जी ने सिक्ख समाज का डाटा बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया । वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्मल सिंह ने बताया कि कमेटी का वर्किंग आफिस गुरुद्वारा आलमबाग लखनऊ में खोल दिया गया है।

जहां पर इस सप्ताह से SIR जनगणना की जानकारी ,आन लाइन व आफलाइन पर कार्य शुरू कर प्रदेश से जोड़ा जायेगा , अगले वर्ष तक स्किल डेवलपमेंट सेंटर की तैयारी के साथ ही धर्मांतरण को रोकने के लिए भी योग्य क़दम उठाने के साथ ही तराई के प्रभावित शहरों के दौरे किए जाएंगे, 

तराई के सिक्खों के लम्बित मामलों को सरकार से बातचीत कर जल्द ही हल करने के प्रयास के साथ-साथ अकाल तख़्त साहिब की मर्यादा को भी लागू कर पावन स्वरूप,सौचिया व धार्मिक साहित्य भी निःशुल्क उपलब्ध करवाने के कार्य आरंभ किया जायेगे ।

अध्यक्ष हरविन्दर सिंह ने बताया कि जून माह में प्रदेश के लगभग सभी ७५ ज़िलों की कमेटियों की बैठक कानपुर में कर सभी मुद्दों पर अगली रणनीति तैयार की जाएगी व २७ में प्रदेश में होने वाले चुनावों के बाबत भी चर्चा कर सिक्ख समाज को राजनीति से जोड़ने की तैयारी की जायेगी 

मीडिया प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया आज की बैठक में सुल्तानपुर , कानपुर , लखनऊ आयोध्या , इटावा , प्रयाग राज , बहराइच, रायबरेली , सिद्धार्थ नगर , उन्नाव , मेरठ , सहारनपुर व अन्य ज़िलों से भी प्रबंधन ने हिस्सा लिया ।