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  • Negligence of Moradabad Government Hospital, lack of oxygen in ambulance, marriages struggling between life and death.

मुरादाबाद सरकारी अस्पताल की लापरवाही एंबुलेंस में ऑक्सीजन ना होना मैरिज जिंदगी और मौत के बीच जूझते मैरिज

मुरादाबाद ।उत्तर प्रदेश मुरादाबाद/जिला अस्पताल की घोर लापरवाही: एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने और बेड न मिलने से मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझने को मजबूरमुरादाबाद:आज [घटना की तारीख/ 3 जुलाई दिन] बुधवार मुरादाबाद के स्वास्थ्य तंत्र की एक बेहद संवेदनहीन और दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहाँ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खुल गई। एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने और जिला अस्पताल में समय पर बेड न मिलने के कारण एक मरीज को घंटों तड़पना पड़ा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज [मरीज का नाम/ अक्षय ठाकुर उम्र] 30 साल की हालत गंभीर होने पर उन्हें [किस क्षेत्र/ मुरादाबाद स्थान] से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन समाप्त हो गई, जिससे मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बावजूद, जब मरीज को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया, तो यहाँ भी उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया।अस्पताल प्रशासन की इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और लेटलतीफी के कारण मरीज को अस्पताल के गलियारों में तड़पने के लिए मजबूर होना पड़ा, जो मानवीय संवेदनाओं का घोर उल्लंघन है।हमारी प्रमुख माँगें:इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने और अस्पताल में बेड न मिलने के लिए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो।मुरादाबाद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए तत्काल प्रभाव से पर्याप्त बेड और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुरादाबाद से पवन गुप्ता की रिपोर्ट