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  • Nine-day long Shri Ram Katha organized in the capital from the mouth of Jagadguru Rambhadracharya Ji.

राजधानी में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के श्रीमुख से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन-

एक जून से दस जून तक जगद्गुरू रामभद्राचार्य श्रीराम कथा से राजधानी को करेगें राममय-

जगद्गुरू रामभद्राचार्य राजधानी में बहायेगे श्रीरामचरित की रसगंगा-शुभारंभ एक जून से

लखनऊ. राजधानी में आगामी एक जून से नौ जून तक नौ दिवसीय श्रीराम कथा आ भव्य आयोजन हाने जा रहा है। परमपूज्य पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की पावन श्रीराम कथा सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में होने जा रही है। कथा प्रतिदिन सायं 5 से रात्रि 8 बजे तक होगी। यह जानकारी आयोजन समिति के संरक्षक एवं लखनऊ उत्तर के विधायक डा. नीरज बोरा ने आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

डा0 वोरा ने बताया कि आज विश्व में जगद्गुरू रामभद्राचार्य किसी भी प्रकार के परिचय के मोहताज नहीं है।  जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज देश के प्रख्यात संत, विद्वान, शिक्षाविद एवं रामानंदाचार्य संप्रदाय के वर्तमान जगद्गुरु हैं। मात्र दो माह की आयु में दृष्टि चली जाने के बावजूद उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा एवं साधना के बल पर 250 से अधिक ग्रंथों की रचना की है। उन्होंने चित्रकूट में दिव्यांगजनों के लिए समर्पित विश्वविद्यालय की स्थापना की तथा अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि प्रकरण में भी एक प्रमुख गवाह रहे हैं। राष्ट्र और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया है।

आगे डा. बोरा ने नौ दिवसीय श्रीराम कथा के कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि कथा के प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा निकाली जायेगी। रामचरितमानस का विस्तार, गुरु वंदना तथा भारद्वाज-याज्ञवल्क्य मिलन का वर्णन होगा। द्वितीय दिवस माता सती के हिमाचल गृह में प्राकट्य, तृतीय दिवस शिव विवाह, चतुर्थ दिवस श्रीराम प्राकट्योत्सव, पंचम दिवस बाललीला, विश्वामित्र आगमन एवं राम वनगमन, षष्ठम दिवस सीताराम विवाह तथा सप्तम दिवस राम वनवास, केवट संवाद एवं राम-भरत मिलन का प्रसंग होगा। अष्टम दिवस लक्ष्मण जी को उपदेश, सीता हरण एवं शबरी चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। तथा कथा के अंतिम दिवस 9 जून को कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा। इस दौरान लंकादहन, अयोध्या आगमन, श्रीराम राज्याभिषेक उत्सव तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कथा के समापन अवसर पर सभी श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।

डा. बोरा ने बताया कि कथा से संबंधित सभी तैयारियां लगश्राग पूरी हो चुकी हैं। श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ वाहन पार्किंग, पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने राजधानीवासियों से श्रीराम कथा का श्रवण करने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। इस अवसर पर समिति श्उत्सवश् के महामंत्री राकेश पाण्डेय, जानकीपुरम दुर्गा पूजा उत्सव के संयोजक सौरभ वन्द्योपाध्याय, श्रीश्याम परिवार के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल, महामंत्री रुपेश अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, श्यामजी अग्रवाल, अनिल गुप्ता, डा. अजय गुप्ता, ऋषि कपूर, अनुराग साहू, एस.के.गोपाल के साथ ही आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थेे।