वाराणसी, 30 मई। थाना शिवपुर में दर्ज एससी/एसटी एक्ट एवं अन्य धाराओं से संबंधित एक मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, वाराणसी की अदालत ने आरोपी विकास कुमार पटेल एवं रंजीत कुमार पटेल की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
मामले में अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 324(4), 352, 351(3), 333 तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(c), 3(1)(d) एवं 3(2)(va) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों पर घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज, तोड़फोड़ करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान अभियुक्तों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कन्हैया लाल उर्फ कान्हा ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों को पुरानी रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों अभियुक्तों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा मामले में आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियुक्तों के विरुद्ध कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, वादिनी को आई चोटें सामान्य प्रकृति की हैं तथा मामले की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर करते हुए प्रत्येक को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान धनराशि के एक-एक प्रतिभू प्रस्तुत करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया।