आर आर जी आई इनोवाथॉन 2026 का भव्य शुभारंभ |

आर आर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आयोजित तीन दिवसीय इनोवाथॉन 2026 का शुभारंभ उत्साह, ऊर्जा और नवाचार के वातावरण के बीच हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिवस विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, रचनात्मक सोच और तकनीकी उत्साह ने पूरे परिसर को जीवंत बना दिया।

उद्घाटन सत्र में सुश्री वाटिका मल्होत्रा (Krutrim Cloud) की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने प्रतिभागियों को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें भविष्य की तकनीकों के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन संस्था के सचिव श्री चित्रांशु अग्रवाल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों के समक्ष समस्या विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज के समय में नवाचार ही वास्तविक समस्याओं के समाधान की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप में विकसित करने और तकनीक के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर डीन – ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट, सुश्री आरती जायसवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उद्योग के अनुरूप कौशल विकास, प्रायोगिक ज्ञान और ऐसे आयोजनों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला, जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक दुनिया के लिए तैयार करते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री अभय जीत सिंह (CEO, Dextora AI) एवं श्री अमित (संस्थापक, Fortax) की उपस्थिति रही। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार और वर्तमान तकनीकी परिवर्तनों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिनमें डॉ. एस. एस. चौहान (निदेशक), श्री दुर्गेश वर्मा (डीन अकादमिक), श्री विजय बहादुर (मुख्य अनुशासन अधिकारी), श्री विकास सिंह (डीन – छात्र कल्याण) एवं श्री आशुतोष शुक्ला, सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक गरिमामयी बनाया तथा संस्थान की नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाया।

इनोवाथॉन के पहले दिन विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक आइडिया पिचिंग में भाग लिया और अपने-अपने समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया। टीमवर्क, प्रतिस्पर्धा और रचनात्मकता का अद्भुत संगम पूरे परिसर में देखने को मिला।

तीन दिवसीय यह आयोजन आगामी दो दिनों तक मेंटरिंग सत्र, प्रोजेक्ट विकास और अंतिम प्रस्तुतियों के साथ जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार की भावना, तकनीकी दक्षता और उद्योगोन्मुख कौशल का विकास करना है।