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  • It bears the name 'Ganga,' yet it lacks any official registration. Operating openly—without registration or adherence to established standards—this optical center is robbing people of their eyesight.

नाम है गंगा रजिस्ट्रेशन का नाम नहीं बिना रजिस्ट्रेशन के बिना मानक के ऑप्टीकल्स सेंटर खुलेआम आंखों की रोशनी छीन रहा है

मंडल मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश/जिला अमरोहा हसनपुर कस्बा हसनपुर में खुलेआम पुरानी कहावत है कि आंखों की रोशनी तो कम हो ही जाती है पर सूत्रों से जानकारी मिली है की आंखों की रोशनी भी छीनी जा रही है क्लीनिक का नाम बड़ा प्यारा है गंगा गंगा आई सेंटर संचालक नाम बड़े-बड़े रख लेते हैं पर रजिस्ट्रेशन करने में आनाकानी करते हैं जबकि सरकार के आदेश के अनुसार किसी भी आई ऑप्टीकल्स आई सेंटर, या आयुर्वेदिक सेंटर, या होम्योपैथिक सेंटर, या ट्रामा सेंटर, डेंटल क्लिनिक, बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं चल सकता सख्त निर्देश के बावजूद ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं जानकारी के मुताबिक पता चला है कि पुराना डाकखाना पूर्व अध्यक्ष कालू बंसल की मार्केट में गंगा ऑप्टीकल्स सेंटर के नाम से इस  गंगा आंखों का क्लिनिक सेंटर खुला हुआ है जिस पर फर्जी डुप्लीकेट प्लास्टिक के शीसा फार्म में चढ़कर और आंखों की रोशनी को बढ़ावा देने की बात कह कर मरीज से लेकर 1000 से ₹2000 तक चश्मा के वसूले जा रहे हैं जबकि  शख्स अपनी आंखों को दिखाने के लिए दर-दर भटकता है और सोचता है कि मेरी रोशनी अच्छी हो जाए यहां रोशनी अच्छी होने के बजाय प्लास्टिक के बने हुए चश्मो को 1000 से लेकर 2000 व 3000 और 5000 तक में बेचा जा रहा है इसी तरह जांच के नाम पर भी ₹100 की फीस मरीज से ली जाती है फाइबर के जड़े हुए फॉर्म में चश्मा 10 15 दिन या महीने पर चलते हैं और उनसे धुंधला दिखाई देने लगता है जिससे कि मजबूर व्यक्ति फिर  दोबारा जाकर अपने टेस्ट करने को कहता है तो फिर चश्मा का हे फेरम उसी से बदलने को कहा जाता है इसी तरह जानता क्षेत्र की लूट रही है और बैठे नोडल अधिकारी और सीएमओ तमाशा देख रहे हैं क्या इसी तरह क्षेत्र की जनता लुटती रहेगी और जनता की जान से और आंखों से खिलवाड़ होता रहेगा देखना यह है कि इस गंगा ऑप्टिकल्स सेंटर पर कब और कितने दिन में कार्रवाई होती है या इसको भी नजरअंदाज कर दिया जाएगा इसी तरह हसनपुर कस्बे में आंखों के नाम पर 100 से भी ज्यादा केंद्र खुले हुए हैं जिन पर बड़ी तादाद में फर्जीवाड़ा हो रहा है