मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश/ जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने लंबित वेतन एवं अन्य भुगतानों को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को सूचना पत्र भेजते हुए 4 जून 2026 को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि पूर्व में दिए गए पत्र के बावजूद अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है और कई मदों का भुगतान लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 16 मई 2026 को लंबित वेतन एवं अन्य भुगतान के संबंध में पत्र दिया गया था, लेकिन 21 दिन बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल लंबित वेतन और बकाया भुगतान प्राप्त करना है तथा किसी प्रकार की राजनीति से उनका कोई संबंध नहीं है।
कर्मचारियों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में मार्च, अप्रैल और मई 2026 का वेतन भुगतान, पिछले छह माह का परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI), आम (AAM) मद में सफाई कार्य का भुगतान, दो वर्षों से लंबित टीए एवं कम्युनिकेशन भत्ता, कायाकल्प एवं एनक्यूएएस मद का भुगतान, हेल्थ प्रमोशन गतिविधियों का बकाया, अनटाइड फंड की धनराशि तथा मेडिकल लीव का भुगतान शामिल है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बिजली बिलों का भुगतान न होने से विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी।
सीएचओ कर्मचारियों के इस ऐलान के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।